तुमसे हो सके तो बरकरार ये सिलसिला रखना
दिल के किसी कोने में हमसे कोई गिला रखना
हमने ये मान लिया मोहब्बत एक गुनाह है
इन दूरियों के दरमियाँ तुम मेरी सजा रखना
तुमसे ताल्लुक कोई न था , ना है न रहेगा
भरम रफाकत का मगर दिल में सदा रखना
तुझे जाना नही पहचाना नही मगर माना बहुत
दिल कि इसी नादानी का नाम तुम वफ़ा रखना
किसी पल बैठकर तन्हा कभी मुस्कुराओगे
उन सब पुरानी यादों से तुम वास्ता रखना !
'वन्दना '





