Saturday, August 17, 2013

त्रिवेणी


इतनी आसानी से गहराते नही हैं 
चढ जायें तो उतारे जाते नही हैं 

कुछ रंग जिन्दगी के कैनवस पर !

- वंदना

8 comments:

  1. खुबसूरत अभिवयक्ति......

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  2. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति आज रविवार (18-08-2013) को "ब्लॉग प्रसारण- 89" पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

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  3. बहुत खुबसूरत..

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खुद को छोड़ आए कहाँ, कहाँ तलाश करते हैं,  रह रह के हम अपना ही पता याद करते हैं| खामोश सदाओं में घिरी है परछाई अपनी  भीड़ में  फैली...