Sunday, February 3, 2013

यूं ही दिल के हर कोने में रहेगा




यूं ही दिल के हर कोने में रहेगा 
तेरा होना    मेरे होने   में रहेगा 

रेत एक रोज़ आईना हो  जाएगी 
ये समंदर साहिल धोने में रहेगा 

खुशबुओं के पर निकल आयेंगे
अब सहरा गुलाब बोने में रहेगा 

फिदरत अपनी बदल  दे ऐ इश्क 
कोई  कब तक पाने खोने में रहेगा 

मौन की तहरीरें गढ़ी जा रही हैं 
दिल टूटी कड़ी  पिरोहने में रहेगा 



- वंदना 

19 comments:

  1. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 06/02/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    ReplyDelete
  2. किस शेर की तारीफ़ करूँ ..सारे शेरों ने मौन कर दिया है ...

    ReplyDelete
  3. किस शेर की तारीफ़ करूँ ..सारे शेरों ने मौन कर दिया है ...

    ReplyDelete
  4. खुश्‍बूओं के पर बड़े सुनहले हैं....खूबसूरत

    ReplyDelete
  5. बेहतरीन गजल

    ReplyDelete
  6. बहुत बढ़िया...
    सभी शेर एक से बढ़ कर एक....

    अनु

    ReplyDelete
  7. वाह .... सभी शेर लाजवाब ... नए अंदाज़ के ...

    ReplyDelete
  8. बहुत सुन्दर!
    http://voice-brijesh.blogspot.com

    ReplyDelete

गीत

नयन हँसें और दर्पण रोए  देख सखी वीराने में  पागलपन अब हार गया खुद को कुछ समझाने में  -- काली घटायें  घुट घुट जाएँ  खार...