Sunday, July 29, 2012

त्रिवेणी




हर किसी की सुनी सुनाई बचपन की वो एक कहानी  
 सफ़ेद घोड़े पर राजकुंवर और एक वो परियों की रानी ..

हर लड़की का नसीब है उलझना ख्वाबो के भ्रमजाल जाल में !

वंदना 


5 comments:

  1. बहुत सुन्दर....

    अनु

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  2. girly dreams and all...nicely expressed :)

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  3. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार को ३१/७/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आपका स्वागत है

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  4. सच है सपने सजोना, और उनका टूटना भी

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  5. बहुत सुन्दर भावपूर्ण..

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खुद को छोड़ आए कहाँ, कहाँ तलाश करते हैं,  रह रह के हम अपना ही पता याद करते हैं| खामोश सदाओं में घिरी है परछाई अपनी  भीड़ में  फैली...