Sunday, October 23, 2011

त्रिवेणी




एक बच्चे का बहुत प्यारा खिलौना टूट गया 
कुछ दिन समेट कर रखा उसे फिर फेंक दिया 

आखिर वक्त लगता है दिल के बहल जाने में !! 

वंदना 

9 comments:

  1. वक्त लगता है ..सटीक बात ..

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  2. सटीक...
    आपको दीप पर्व की सपरिवार सादर शुभकामनाएं....

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  3. बिलकुल सटीक बात कही।

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    कल 25/10/2011 को आपकी कोई पोस्ट!
    नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद

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  4. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ ………

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  5. कल के चर्चा मंच पर, लिंको की है धूम।
    अपने चिट्ठे के लिए, उपवन में लो घूम।।

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  6. वक्‍त तो लगता ही है ..
    .. आपको भी दीपावली की शुभकामनाएं !!

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  7. गहन भावमय करते शब्‍द ...दीपोत्‍सव पर्व की शुभकामनाओं के साथ बधाई ।

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  8. सुंदर भावनाओ के साथ लिखी रचना,बढ़िया पोस्ट...
    दीपपर्व की शुभकामनाये.....

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खुद को छोड़ आए कहाँ, कहाँ तलाश करते हैं,  रह रह के हम अपना ही पता याद करते हैं| खामोश सदाओं में घिरी है परछाई अपनी  भीड़ में  फैली...