Saturday, October 8, 2011

त्रिवेणी






जो शहर कुछ खोने का एहसास कराये 
उस शहर में  कभी नहीं जाना चाहिए..

एक धूल आँखों में तमाम उम्र किरकती है !




- वंदना


5 comments:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  2. कितना सुन्दर....
    सादर...

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  3. बहुत सुन्दर...

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खुद को छोड़ आए कहाँ, कहाँ तलाश करते हैं,  रह रह के हम अपना ही पता याद करते हैं| खामोश सदाओं में घिरी है परछाई अपनी  भीड़ में  फैली...