Tuesday, July 5, 2016

त्रिवेणी

आसमान जिसमे कई छेद हैं ,चादर जो बेहद मैली है 
एक टूटा हुआ कांच का टुकड़ा है पैर में धंसा हुआ 

जिंदगी भीगता हुआ एक लंगड़ा मुसाफिर है !!



~ वंदना 

1 comment:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 07-07-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2396 दिया जाएगा
    धन्यवाद

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