गीत, ग़ज़ल, नज्म ..ये सब मेरी साँसों कि डोर, महंगा पड़ेगा बज्म को मेरी खामोशियों का शोर ! --- "वन्दना"
दर्पण झूठ न बोले।
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी हैतेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों सेअवगत कराइयेगा ।http://tetalaa.blogspot.com/
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये
सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए आभार.
अच्छी रचना है!--मित्रता दिवस पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
सार्थक पोस्ट...
सुन्दर और सार्थक पोस्ट..मित्रता दिवस पर शुभकामनाएँ...
thode shabdon ki vishal paridhi prabhavshali hai . shukriya ji
bahut hi sundaraaena sache ko chalakathi hai
तुम्हे जिस सच का दावा है वो झूठा सच भी आधा है तुम ये मान क्यूँ नहीं लेती जो अनगढ़ी सी तहरीरें हैं कोरे मन पर महज़ लकीर...
दर्पण झूठ न बोले।
ReplyDeleteमित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ
ReplyDeleteआपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
अवगत कराइयेगा ।
http://tetalaa.blogspot.com/
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये
ReplyDeleteसुन्दर अभिव्यक्ति के लिए आभार.
ReplyDeleteअच्छी रचना है!
ReplyDelete--
मित्रता दिवस पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
सार्थक पोस्ट...
ReplyDeleteसुन्दर और सार्थक पोस्ट..मित्रता दिवस पर शुभकामनाएँ...
ReplyDeletethode shabdon ki vishal paridhi prabhavshali hai . shukriya ji
ReplyDeletebahut hi sundar
ReplyDeleteaaena sache ko chalakathi hai