Sunday, February 3, 2013

यूं ही दिल के हर कोने में रहेगा




यूं ही दिल के हर कोने में रहेगा 
तेरा होना    मेरे होने   में रहेगा 

रेत एक रोज़ आईना हो  जाएगी 
ये समंदर साहिल धोने में रहेगा 

खुशबुओं के पर निकल आयेंगे
अब सहरा गुलाब बोने में रहेगा 

फिदरत अपनी बदल  दे ऐ इश्क 
कोई  कब तक पाने खोने में रहेगा 

मौन की तहरीरें गढ़ी जा रही हैं 
दिल टूटी कड़ी  पिरोहने में रहेगा 



- वंदना 

गीत

नयन हँसें और दर्पण रोए  देख सखी वीराने में  पागलपन अब हार गया खुद को कुछ समझाने में  -- काली घटायें  घुट घुट जाएँ  खार...